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Friday, December 9, 2022

Right to information act 2005 (capter 6)

Must read

১) বিৰক্তকৰ প্ৰশ্ন শুধিলেও বিধি অনুসৰি উত্তৰ দিব।

২) আপুনি আবেদনখন পোৱাৰ ৩০ দিনৰ ভিতৰত আবেদনকাৰীক বিনিময়ত বিধি অনুসৰি কিমান টকা আদায় দিব লাগিব সেই বিষয়ে সবিশেষ আবেদনকাৰীক জনাব।

৩) আবেদনকাৰীয়ে বিচৰা সকলো তথ্য আগতিয়াকৈ জেৰক্স কৰি ৰাখিলে আপোনাৰ অসুবিধা হ’ব পাৰে। কেৱল প্ৰথমতে আপুনি তথ্য খিনি চিনাক্ত কৰি ৰাখি সেই তথ্য সমূহ জেৰক্স কৰিলে হ’ব পৰা খৰচখিনি আবেদনকাৰীক জনাওক। কিয়নো আদায় দিব লগা ধন অধিক হলে আবেদনকাৰীয়ে নথি পত্ৰ নলয় তেওঁৰ প্ৰয়োজন অনুসৰি নথি ল’ব পাৰে। সেইমতে আবেদনকাৰী তথ্য দিলে অসুবিধা নহয়। আনকি বহুত ধন দিব লগা হলে আবেদনকাৰীয়ে তথ্য নিবলৈ নাহিবও পাৰে তেনে জেৰক্সৰ অযথা খৰচ হ’ব। 

৪। তথ্য ভুল কৰি নিদিব। ভুল তথ্য দিয়াৰ প্ৰমাণ পালে আপোনাক ২৫০০০ টকা প্ৰৰ্যন্ত জৰিমনা বা আপোনাৰ বিৰুদ্ধে অনুশাসনমুলক ব্যৱস্থা কেন্দ্ৰীয় বা ৰাজ্যিক তথা আয়োগে লব পাৰে।

৫। তথ্যৰ যোগান ধৰাৰ বাবে আবেদনকাৰীৰ পৰা অধিক সময় নিবিচাৰিব। কাৰণ আইনখনত তেনে ব্যৱস্থা নাই। 

৬। বিভাগীয় অন্য কামৰ ব্যৱস্থা অজুহাত দেখাই অধিক সময় নিবিচাৰিব।

৭। কাৰ্যলয়ত থকা নথি বা তথ্য মিচাকৈ নাই বুলি আবেদনকাৰীক নজনাব। কাৰণ তথ্য আয়োগে তেনে তথ্য আছে নে নাই সেই বিষয়ে পৰিদৰ্শন কৰিব পাৰে। থকা তথ্য বিকৃতিকৈ নিদিব।

৮) আবেদনকাৰীয়ে বিচৰা তথ্য পাবৰ যোগ্য যোগ্য নহয় বুলি বিবেচনা কৰিলে আইনখনৰ কোনটো ধাৰামতে তেনে তথ্য পোৱাৰ যোগ্য নহয় সেইটো উল্লেখ কৰি আবেদনকাৰীৰ আবেদন অগ্ৰাহ্য কৰিব। যদি আবেদনখনৰ অন্য তথ্য দিবৰ যোগ্য সেইখিনি তথ্য দিব। আবেদনকাৰীৰ আবেদন অগ্ৰাহ্য কৰিলে আবেদনকাৰীয়ে কাৰ ওচৰত আপিল কৰিব লাগে, সেই বিষয়ে আবেদনকাৰীক সবিশেষ জনাব।

English translation :-

1) Even if the annoying question is corrected, answer according to the rules.

 2) Within 30 days of receipt of the application, the applicant will be informed in detail about the amount to be paid as per the rules in exchange of applicant information.

 3) You may be inconvenienced if all the information sought by the applicant is xeroxed in advance. The first thing you need to do is identify the information and then xerox that information to let the applicant know the cost. If the amount due is higher then the applicant can take the required documents if he does not have the required documents. There is no problem in giving information to the applicant. Even if you have to pay a lot of money, the applicant may not be able to get the information, so Xerox will be an unnecessary expense.

4) The information will not be mistaken. If you find evidence of misrepresentation, you may be fined up to Rs.

5) No more time will be required from the applicant for retrieval of information. Because there is no such provision in the law.

6) Other work arrangements in the department will not take much time on the pretext of showing up.

7) Let the applicant know that the documents or information in the office are not falsified. This is because the Information Commission may inspect whether such information is available or not. I will not distort the existing information.

8) If the applicant deems that he / she is not eligible to get the information sought, he / she shall reject the application of the applicant by stating in which section of the Act he / she is not eligible to get such information. If the application is eligible to provide other information, provide the same information. If the application of the applicant is rejected, the applicant will give details about the person to whom the applicant should appeal. 

Hindi translation :-

1) यदि कष्टप्रद प्रश्न को ठीक कर भी दिया जाए तो भी नियमों के अनुसार उत्तर दें।

2) आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर आवेदक को सूचना के आदान-प्रदान में नियमानुसार भुगतान की जाने वाली राशि की विस्तृत जानकारी आवेदक को दी जायेगी।

3) यदि आवेदक द्वारा मांगी गई सभी सूचनाओं को अग्रिम रूप से ज़ेरॉक्स किया जाता है तो आपको असुविधा हो सकती है। सबसे पहले आपको जानकारी की पहचान करनी होगी और फिर उस जानकारी को ज़ेरॉक्स करना होगा ताकि आवेदक को लागत का पता चल सके। यदि देय राशि अधिक है तो आवेदक आवश्यक दस्तावेज नहीं होने पर आवश्यक दस्तावेज ले सकता है। आवेदक को सूचना देने में कोई समस्या नहीं है। भले ही आपको बहुत अधिक पैसा देना पड़े, आवेदक को जानकारी नहीं मिल पाएगी, इसलिए ज़ेरॉक्स एक अनावश्यक खर्च होगा।

4) जानकारी गलत नहीं होगी। यदि आपको गलत बयानी का सबूत मिलता है, तो आप पर रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

5) सूचना प्राप्त करने के लिए आवेदक से अधिक समय की आवश्यकता नहीं होगी। क्योंकि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है।

6) विभाग में अन्य कार्य व्यवस्था दिखाने के बहाने अधिक समय नहीं लगेगा। 

7) आवेदक को बता दें कि कार्यालय में दस्तावेज या सूचना फर्जी नहीं है। ऐसा इसलिए है क्योंकि सूचना आयोग निरीक्षण कर सकता है कि ऐसी जानकारी उपलब्ध है या नहीं। मैं मौजूदा जानकारी को विकृत नहीं करूंगा।

8) यदि आवेदक को लगता है कि वह मांगी गई जानकारी प्राप्त करने के योग्य नहीं है, तो वह आवेदक के आवेदन को यह कहते हुए अस्वीकार कर देगा कि अधिनियम की किस धारा में वह ऐसी जानकारी प्राप्त करने के लिए पात्र नहीं है। यदि आवेदन अन्य जानकारी प्रदान करने के योग्य है, तो वही जानकारी प्रदान करें। यदि आवेदक का आवेदन खारिज कर दिया जाता है तो आवेदक उस व्यक्ति के बारे में विवरण देगा जिससे आवेदक को अपील करनी चाहिए।

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