-2.4 C
Munich
Friday, December 9, 2022

right to information act 2005 (capter-17)

Must read

১) লোক তথ্য বিষয়াই কোনো তথ্য ৰাজহুৱা স্থানত প্ৰদৰ্শন কৰিলে বা কাকতযোগে‌ প্ৰচাৰ কৰিলে লোক তথ্য বিষয়াই আবেদনকাৰীৰ গোচৰ তৰিব পাৰে নে?
উত্তৰ :- লোক তথ্য বিষয়াই দিয়া মতে আবেদনকাৰীয়ে বিকৃত নকৰাকৈ তথ্য প্ৰচাৰ কৰিলে জগৰ নহয়।
২) এইবাৰ লোক তথ্য বিষয়াৰ ওচৰত আৰ টি আই‌‌ আবেদন কৰি কাৰোবাৰ হেঁচাত পৰি তথ্য নোলাৱকৈ আবেদন পত্ৰ আবেদনকাৰীয়ে উঠাই লব পাৰে নেকি?
উত্তৰ :- ইচ্ছা কৰিলে আবেদনকাৰীয়ে তেওঁৰ আবেদন উঠাই লব পাৰে। কিন্তু যথাসম্ভৱ তেনে নকৰাই ভাল।
৩) এবাৰ এটা তথ্য এজন লোক তথ্য বিষয়াৰ পৰা‌ জনকৈ আবেদনকাৰীয়ে বিচৰাৰ পাছত সেই একে তথ্যকেই অন্য এজন ব্যক্তিয়ে একেজন লোক তথ্য বিষয়াৰ পৰা বিচাৰিব পাৰে নে? তেনে তথ্য দ্বিতীয় জন আবেদনকাৰীকো লোক তথ্য বিষয়াই দিবলৈ বাধ্য নে?
উত্তৰ:- একেটা তথ্যকেই বিভিন্নজনে বিছৰাত কোনেও বাধা দিব নোৱাৰে। লোক তথ্য বিষয়াই প্ৰত্যেকজন আবেদনকাৰীকেই সেই তথ্য দিবলৈ বাধ্য।
৪) ৰাজ্যিক তথ্য আয়োগ বা কেন্দ্ৰীয় তথ্য আয়োগৰ কাম-কাজৰ বিষয়েও আৰ টি আই কৰিব পাৰি নে?
উত্তৰ:- পাৰি। আয়োগ দুটাৰ প্ৰশাসনিক কাম-কাজ, নিষ্পত্তিৰ অপেক্ষাত থকা গোচৰৰ পৰিসংখ্যা বা অগ্ৰগতি সম্পৰ্কে বা কোনো আবেদনকাৰীৰ দ্বিতীয় আপিলৰ আবেদন নিষ্পত্তিত লেহেমীয়া হোৱাৰ কাৰণ আদি জানিবলৈ আৰ টি আই‌‌ কৰিব পাৰি।
৫) এগৰাকী ব্যক্তিৰ ব্যক্তিগত তথ্য তেওঁৰ অনুমতি নোহোৱাকৈ আনক দিব পৰা যায় নেকি?
উত্তৰ:- সাধাৰণতে তৃতীয় পক্ষৰ তথ্য ফাদিৰ কৰা নহয়; যদিহে তৃতীয় পক্ষই সেয়া গোপনীয় বুলি বিবেচনা কৰে। অৱশ্যে তথ্য আয়োগে ৰাজহুৱা স্বাৰ্থৰ খাতিৰত তেনে তথ্য ফাদিলৰ যোগ্য বুলি ভাবিলে সেইমতে নিৰ্দেশ দিব পাৰে।
ENGLISH TRANSLATION :-

1) If any information about public information is displayed in a public place or disseminated through paper, can the information of the public applicant be heard by the applicant?
Ans: – It is not wise for the applicant to disseminate the information without distorting it as per the public information given.
2) Can the applicant pick up the application form without applying for RTI by applying for RTI?
Answer: – The applicant can withdraw his / her application if he / she wishes.  But it is better not to do as much as possible.
3) Once a person seeks information from a public information subject, can the same information be sought by another person from the same person information subject?  Is the second applicant obliged to provide such information to the public?
Answer: The same information cannot be interrupted by different people.  In the case of public information, every applicant is required to provide that information.
4) Is it possible to do RTI on the functioning of State Information Commission or Central Information Commission?
Answer: Yes.  RTIs may be conducted to ascertain the administrative functions of the two commissions, the status or progress of the report pending before disposal, or the reasons for delay in disposal of the second appeal of an applicant.
5) Can a person’s personal information be disclosed without his / her permission?
Answer: – Normally third party information is not leaked;  If a third party considers it confidential.  Of course, the Information Commission may, if it deems such information worthy of fadil for the sake of public interest, give directions accordingly.
Hindi translation :-
1) यदि सार्वजनिक सूचना के बारे में कोई सूचना सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शित की जाती है या कागज के माध्यम से प्रसारित की जाती है, तो क्या सार्वजनिक आवेदक की सूचना आवेदक द्वारा सुनी जा सकती है?
उत्तर:- आवेदक के लिए यह बुद्धिमानी नहीं है कि वह दी गई सार्वजनिक सूचना के अनुसार सूचना को विकृत किए बिना उसका प्रसार करे।
2) क्या आवेदक आरटीआई के लिए आवेदन किए बिना आवेदन पत्र प्राप्त कर सकता है?
उत्तर:- आवेदक चाहे तो अपना आवेदन वापस ले सकता है। लेकिन जितना हो सके न करना ही बेहतर है।
3) एक बार जब कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक सूचना विषय से जानकारी मांगता है, तो क्या वही जानकारी किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उसी व्यक्ति सूचना विषय से मांगी जा सकती है? क्या दूसरा आवेदक जनता को ऐसी जानकारी प्रदान करने के लिए बाध्य है?
उत्तर: एक ही जानकारी को अलग-अलग लोग बाधित नहीं कर सकते। सार्वजनिक सूचना के मामले में, प्रत्येक आवेदक को वह सूचना उपलब्ध कराना आवश्यक है।
4) क्या राज्य सूचना आयोग या केंद्रीय सूचना आयोग के कामकाज पर आरटीआई करना संभव है?
उत्तर: हाँ। दो आयोगों के प्रशासनिक कार्यों, निपटान से पहले लंबित रिपोर्ट की स्थिति या प्रगति, या आवेदक की दूसरी अपील के निपटान में देरी के कारणों का पता लगाने के लिए आरटीआई का आयोजन किया जा सकता है।
5) क्या किसी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी उसकी अनुमति के बिना प्रकट की जा सकती है?
उत्तर:- आम तौर पर थर्ड पार्टी की जानकारी लीक नहीं होती है; अगर कोई तीसरा पक्ष इसे गोपनीय मानता है। निःसंदेह, यदि सूचना आयोग जनहित की दृष्टि से ऐसी सूचना को आवश्यक समझे, तो तदनुसार निर्देश दे सकता है।
- Advertisement -spot_img

More articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -spot_img

Latest article